लघुकथा- सुख

ओमप्रकाश क्षत्रिय

लघुकथा- सुख
(17)
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सारांश

वह जिस सुख की चाहत में यह सब कुछ कर रही थी , वह सुख उसे मिला या नहीं ?
Dr Deepayan Choudhury
सही कथन है , सुख का आधार पैसा नहीं है
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जफर आलम हाशमी हाशमी
ओमप्रकाश जी आदाब बहुत ही अच्छी व सच्ची घटना का खूबसूरत चित्रण किया हैं कहानी नही समाज की सच्चाई है
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charismatic soni
Jivan kaach
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mansi
आपकी लघु कथाएं बहुत अच्छी है
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डॉ. प्रदीप कुमार शर्मा
यह भी जीवन का एक रंग (बदरंग ही सही) है
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itika Soni
nice story......
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