लघुकथा- अँधा

ओमप्रकाश क्षत्रिय

लघुकथा- अँधा
(34)
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सारांश

कहते हैं कि आँख का अँधा होता है. मगर यहाँ तो पुत्र ने अंधे पिता को ही रास्ता दिखा दिया. मगर वह रास्ता कहाँ का थे. पढ़ कर महसूस कीजिए,
Hari ram V
सटिक कथा पसंद आई
Ishrat Siddiqui
सत्य कम शब्दों मे जीवन्त अभिव्यक्ति
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Dr Deepayan Choudhury
आज के परिपेक्ष्य मे यही घटता है
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Sandeep Sable
कलयूगीन वास्तविकता...
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कल्पना भट्ट
अच्छी कथा ।
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