रैना@मिडनाईट - 1

Nitin Mishra

रैना@मिडनाईट - 1
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सारांश

प्रस्तावना Date: 12th December 2017 Time: 12:00 a.m. घडी के कांटे रात के ठीक बारह बजा रहे थे| ‘रैना! रैना!!’ विकास बेतहाशा चिल्ला रहा था लेकिन उसकी आवाज़ जैसे किसी पत्थर से टकराई| रैना को देखकर उसके ...
Rakesh Chandra Dubey
beautiful. You could name it "Drawing Lines"
NAZISH PARWEEN
interesting story 👌
Amarsingh Tomar
nice suspense and hooror story
shalini
बहुत अच्छा आपने लिखा है
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