रेपिस्ट और कातिल

मनोज देशमुख "मासूम "

रेपिस्ट और कातिल
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सारांश

क्या हुआ बेटा ! आज ये फूल सा चेहरा इतना उदास क्यों है ? नेहा के पापा ने कहा तो नेहा बोली कुछ नही पापा आज स्कुल में सर ने सभी को ट्यूशन आने को कहा है। जो उनके पास ट्यूशन नही जायेगा। उसे वह फेल कर ...
हेमंत यादव
स्त्री स्त्री की दुश्मन...की कहावत को चरितार्थ करती आपकी कहानी
Priyadarshani kumari
aj kal to yhi sab hone se visvas kise pe karna na mumkin h chahe wo jo v ho hme hr wakt strkta ke sath rhni chahiye
दुर्गा प्रसाद
दुख की बात है।👌👌
Krishna Khandelwal singla
बहोत बुरा हुआ
sakshi Jain
सच्ची में बहुत अच्छी कहानी है i wish आप बहुत आगे जाए मेरी यही प्रार्थना है ईश्वर से ।आप ऐसे ही लिखते रहे एक दिन देखना सफलता खुद आकर आपके चरण चूमेगी
Aashiq Rayeen
वाकई में नेहा हम शर्मिंदा है क्युकी तेरे क़ातिल जैसे लोग अभी भी हर गली मोहल्ले में हमारे कानून की वजह से ज़िंदा है।😞😞😔😔
Aliya Shaikh
filal halat hi aisi hai ki aurat hi aurat ki dushman kash pratibha ne thodi samjhdaar dikhai hoti to neha ka reap nahi huwa hota
सरोज वर्मा
कहानी अच्छी है लेकिन दु:खदायक भी
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MOHAMMAD AFJAL
घर से बाहर निकलने के बाद लड़कियों के साथ कुछ भी अच्छा या बुरा होते ही घरवालों को बताना चाहिए। लड़कियों सहन करेगी ,तो ,लड़के उसे "हा" समझते हैं। और ज्यादती पर उतर आते है।
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