रितिका

विनय तिवारी

रितिका
(152)
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सारांश

'रितिका' एक काल्पनिक कहानी है, किन्तु समाज और जीवन में घटने वाली कुछ घटनाओं का आइना भी है। इस कहानी में मैंने मनुष्य के हृदय में उत्पन्न होने वाले बहुत से भावों जगह दी है, उम्मीद है आप इसका अनुभव जरूर करेंगे पढ़ते वक्त। कहानी के लिए सुझाव व आलोचना का स्वागत है। ,,,,,,,,,,,,,,,,एकाएक मेरी सांसे थम सी गयी ...हां हां ये वही है जिसको मै स्टेशन पर खोज रहा था । जीवन में पहली बार किसी के लिए इतना व्याकुल हुआ था। वो विंडो सीट पर बैठी बाहर के दृश्य देख रही थी...हवा की वजह से उसके बालों ने आधे चेहरे के ढक रखा था। उसके पास बैठी आंटी जब हरौनी स्टेशन पर उतर जाती है तब मै अपने कलेजे की धक धक कॊ कंट्रोल करते हुए उसके पास वाली सीट पर बैठ गया। बीते सोमवार उसे 100 मीटर की दूरी से देखा था...आज यह दूरी 10 सेंटीमीटर रह गयी, यह सोच ही रहा था कि खटाक की आवाज आयी ...उसने खिड़की बंद कर दी और सामने देखने लगी। मैं बात करना चाह रहा था किन्तु होंठ सिले हुये थे और शब्द बिखरे पड़े थे, कंठ मूक था और हृदय की धक धक अभी भी चालू थी। कुछ समय के बाद अपनी ख़ामोशी कॊ तोड़ते हुये अखिर बस इतना पूछा "जी कानपुर जा रही है ?" और फिर दूसरी तरफ देखने लगे...कुछ सरसराहट की आवाज आयी ...वो मेरी ओर मुड़ कर देख रही थी, इतनी सी बात से मै घबरा गया और इयरफोन कान में लगा के गाना सुनने लगा -" लो मान लिया हमने है प्यार नही तुमको..."
Uday Pratap Srivastava
एक अच्छी कहानी
Pooja Singh
story bhoot acchi Hai ..
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Meenakshi Srivastava
Aman ke pass agar itna paisa tha ki vo 50 aker jameen kharid sake tho vo itni choti job kyu ker raha tha...bakwaas story h....... sorry
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Ravi Sinha
😢😢😢
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Thakur Jadaun
very good story
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Verendra Mahobiya
Love story is so awesome........ Very nice
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DK World
hi Mr. Aman I hope you are doing well. I have read your story so wonderful and painful. Dear Aman I would like to say.---- Life does not always gives a second chance. Ritika ke dad Sale ko to kutti k mot marna chahiye .... Thanks for upload wonderful story... It's Ok no Problems But So nice Regards, Durvesh Kumar (U.P.)
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SP Saraswat
bakwas
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Rama Devi
nice story
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