रिक्शा वाले अंकल

निजा

रिक्शा वाले अंकल
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सारांश

"पूजा बिटिया, इतना दूर क्यों बैठी हो? यहाँ आ जाओ...इधर, मेरे पैरो पर...हाँ ...बस बिलकुल एसे ....हररोज यहाँ ही बैठना है तुम्हे ...ठीक है ?" ग्यारह साल की पूजा कुछ भी बोली नहीं. उसे रिक्शा में आगे ...
Varinder Kaur
aj k sach aj kal to har jga bacho k sath esa ho rha hy
Vijay Kumar
वर्तमान में जिस हिसाब से इस तरह कि घटनाएं बढ़ रही है वाह काफी दुखद और चिंतानीया है... अवश्‍यक है कि बच्चों को हर तरह से सही गलत के बारे में जानकारी दी जाए...
Usha Garg
बच्चो को बताया जाना चाहिए कि कुछ गलत हो तो वो घर आकर बताये
Krishna Khandelwal singla
ऎसे लोगो को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए
Shailesh Kumar Dubey
समाधान खोजिये कहानी से
PK...(kan)!
વાહ વાહ
दिलीप मकवाना
बहुत खूब....अप्रतिम👌
रविंदर गुडवानी राम राम राम राम राम राम राम राम
माँ बाप को अपने बच्चों के बीच एक समन्वय बना कर रखना चाहिये ताकि बच्चे कुछ भी बताने से डरें नहीं अपितु अपने माता पिता को अपना दोस्त समझें... बाकी भी बहुत कुछ.... कहानी उत्तम है...
SONU MOURYA
aap bahut achha lakhti hai ''very nice''
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