रायचंद(लेख)

नीतू सिंह 'रेणुका'

रायचंद(लेख)
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सारांश

हम सभी को दूसरों को राय देने की बहुत बुरी आदत है। शायद ही कोई ऐसा हो जिसने दूसरों को राय न दी हो। "तुम्हें ऐसा नहीं वैसा करना चाहिए था।" या "मैं तुम्हारी जगह होता तो ऐसा करता. . . . "। हम सभी ऐसा कहते
Deepak SINGLA
बहोत खूब कहा 💐
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