रामकली

मनोज देशमुख "मासूम "

रामकली
(280)
पाठक संख्या − 15763
पढ़िए

सारांश

रमेश की शादी हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ था की उसकी पत्नी प्रिती ने अलग रहने की बात कही। रामकली पर तो जैसे पहाड़ टूट पड़ा हो उसने रमेश से कहा क्या हुआ बेटा क्या परेशानी है ,तु प्रिती की बातो में न आ ...
Nirmala Singh
very heart touching story
कुणाल ठाकुर
माँ की ममता का कोई मोल नहीं इस जहां में
Rukmani Thapliyal
बहुत सुंदर रचना
Ramji Sharma
यह कहानी पढ कर दिल मे खुशी हुई और आंखो से आसु आ गया।
रिप्लाय
Archana Varshney
बहुत अच्छी
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.