रक्षा में हत्या

मुंशी प्रेमचंद

रक्षा में हत्या
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सारांश

केशव के घर में एक कार्निस के ऊपर एक पंडुक ने अंडे दिए थे। केशव और उसकी बहन श्‍यामा दोनों बड़े गौर से पंडुक को वहाँ आते-जाते देखा करते। प्रात:काल दोनों आँखें मलते कार्निस के सामने पहुँच जाते और पंडुक ...
Aarti Gupta
nice story 👌👌👌👌👌👌👌👌
Chandra Mani Iyer
बचपन के दिन भी ,क्या दिन थे। कुछ इसी तरह की शरारतें हमने भी की होंगी।बहुत बढ़िया कहानी ।
Priyanshu Agarwal
उम्दा कहानी
Anand Sharma
बचपन की याद आ गई।
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