ये आँखे कुछ कहती हैं...!!

भावना

ये आँखे कुछ कहती हैं...!!
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सारांश

मृदुल को कल के दिन का बेसब्री से इन्तज़ार है। कल उसका सबसे अनमोल सपना जो पूरा होने वाला है। आखिर कल वो एक आई.ए.स. ऑफिसर के रूप में चार्ज जो लेने वाला है। अरे नहीं! ये तो भव्या का सपना था जो उसने मृदुल को लेकर देखा था और मृदुल ने भी भव्या के उस सपने को पूरा करने के लिये जी जान लगा दी और लगाता भी क्यों न? ...................पर?? ये क्या भव्या, तुम मुझे धोखा कैसे दे सकती हो? तुम मुझे निस्वार्थ प्रेम करती रही और मेरा साथ देती रही; और मैं बेवकूफ, दोस्ती और प्यार में फर्क ही न समझ पाया। और समझ आया भी क
Bindiya Gupta
vastav me aapne sare kirdaro ko jivant kar diya hai, itna vastvik chitran kiya hai. behad khoobsurat
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Goyal Nitin
bahut acchi story h.jiske liye koi word nhi. pyar ki shi defition h. aatma ka rista man se hota h.jo hmse dur hiker bhi hmre anterman me her saans k saat juda hota h.
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ऐक्षिका चौधरी
ह्रदयस्पर्शी 😭😭😭😭
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Madhu Chamria
awesome story
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Neeraj Sharma
🙏 🌺
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Samta Parmeshwar
अद्भूत प्रेरणादायक कहानी है। पढ़ते-पढ़ते लगा कि फिल्म देख रही हूं।
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varsha suneriya
लाजवाब लिखा आपने मुझे तो समझ नही आ रहा कि कल्पना है या हकीकत। आँखो से आँसु नही रुक रहे। बस यही कहना है कि दिल छू लिया आपकी कहानी ने। ❤
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MUNNA
अतिसुन्दर रचना है इसलिये 🌟🌟🌟🌟🌟और अधिक
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shivani
speechless 👌👌👌
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Ekta Prateek
बहुत सुंदर । भव्या का किरदार बड़ा ही मनमोहक है।
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