"यादों के सहारे"

शहला अंस।री

(157)
पाठक संख्या − 4342
पढ़िए

सारांश

कुछ प्रेम कहानियां अधूरी रह जाती हैं
Dipika Singh
speechless
रिप्लाय
Khushi Priyanka Gupta
Dil ko Chu gai aapki kahani. lekin Avinash ki aanchal ko sach bata dena chaiye. aanchal bhi Thur ghut ghut Kar jiyegi aur Avinash bhi.
रिप्लाय
प्रदीप तिवारी
हृदयस्पर्शी मार्मिक कहानी अच्छी तरह से सामने रखा। प्रेम में सिर्फ पाना ही नहीं अपितु त्याग का होना भी जरुरी है
रिप्लाय
प्रियंका कुमारी
कुछ कहानियाँ बिन कुछ कहे बहुत कुछ कह जाती है।
रिप्लाय
अविका त्यागी
जिससे प्यार करो उसे कोई तकलीफ देकर अगर वो हमेशा के लिए खुश कर सकता है तो इंसान वही करता है और आपकी कहानी में भी वही हुआ,अच्छी कहानी।
रिप्लाय
Neerlata Singh
अच्छी कहानी.....पर अन्त सुखद हो....तो मजा आ जाता
रिप्लाय
Namita Gupta
मन को छू लेने वाली कहानी
रिप्लाय
Neelima Kumar
काश कि अविनाश ने आँचल से सच बताया होता तो हो सकता है आज अविनाश इतना अकेला नहीं होता। लेकिन अपने प्यार आँचल के लिए अविनाश का अपना नज़रिया सही ही था। जिससे हम बहुत प्यार करते हैं उसे तकलीफ नहीं दे पाते। शहला जी...बेहतरीन लेखन। हृदय को छू गई आपकी ये कहानी। शुभकामनाएँ।
रिप्लाय
Nikki Agrawal
emotions se bharpur...
रिप्लाय
Rekha Sharma
heart touching story words hi nhi h kyaa likhu rula Diya aapne to Mam.......
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.