यह कैसा स्वाद

Sanjay Gugharwal

यह कैसा स्वाद
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सारांश

अमित और अविनाश गहरे मित्र हैं। दोनों किराये के एक ही कमरे में रहते हैं। पहले अविनाश मांस से दूर ही रखा था। लेकिन अमित ने एक दो बार उकसा कर इसका स्वाद क्या चखाया कि अब तो वह भी उसके साथ नियमित हफ्ते ...
sapna sharma
bahut sahi baat hai
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Jaiveer Singh Poonia
बहुत बढ़िया लिखा है कि हम अपनी जीभ के स्वाद के लिए यह भूल जाते है कि इसे भी जीने का हक था
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