मौत और एक माँ की चीत्कार

डॉ. अशोक चतुर्वेदी

मौत और एक माँ की चीत्कार
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सारांश

लघुकथा
Lokesh Kumar Verma
आपकी कथाएं यक्ष प्रश्न के साथ सामने आती हैं, जिसका जवाब किसी के पास नही हो सकता हैं। मानवीय संवेदनाओं को आप अपने लघु कथाओं के माध्यम से समाज के समक्ष रख रहे हैं। चूँकि ये सारी घटनाएं जिन्हें आप कथाओं के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं वे सभी सत्य हैं और एक कुशल प्रशासक होने के नाते सभी को अपने सुलझाया हैं।
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