मोबाइल कॉल

शशि रंजन मिश्रा

मोबाइल कॉल
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महेंद्र कुमार पाल
शब्दों का बेहतर चयन.... परन्तु अंत अधूरा रह गया...
Davinder Kumar
Ranjan ji kahani badi shabdo mein uljhi padi hai. Pata nahi aap nayak ko kya saabit karna chah rahe thy
Krishna Nandan Prasad
समाज मे फैले सड़ी गली मान्यताओं और अंहकार पर जबरदस्त चोट ।
Rajul Saxena
Kahani Achi h , Lekin climax samajh nahi Aya, esa Laga jese lekhak ne Kisi jaldi ke Karan agar Taal di ho, kuch bhi nhi h end me, kya batana chah rhe h ? kahani k ant ne dissatisfied kia
प्रीति
कहानी का अंत समझ से परे है नायक क्या प्रदशीत करना चाहता है
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Gaurav Jain
kahani adhuri lagi
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