मैसेज

डॉ. लवलेश दत्त

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सारांश

“जाने किस कुलच्छिनी को बहु बना लिया? हज़ार बार कहा था खूब सोच-समझ ले, कालेज में पढ़ी लड़की के लच्छन अच्छे नहीं होते...पर नहीं...देखते ही मन लुटा बैठा इस कुल्टा पर...।” माँ ने ताना देकर विनोद को कोसा। ...
anusuiya
bhot hi achi kahani h
Savita Ojha
थप्फड़ का जवाब तो बनता है
Riya mittal
bht hi achi kahani hai sab ka yahi haal hai koi apni galti manta hi nahi sab bahu beti pr galti daal kr mazaa lete hai sach saamne aane pr sharm se sar jhuk jaata hai
Anshul
good story but and achi trhy nhi huaa
Rita Saxena
कहानी अच्छी है लेकिन विनोद के मां पिता की क्या प्रतिक्रिया हुई यह भी लिखना था
Vishalakshi Seshadri
जो लोग दूसरो के लिए खुड्डा खोदते है, वो खुद उसमे गिर जाते हैं।
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