मैं शमशान हूँ भाग -5

Shivraj Singh Rana

मैं शमशान हूँ भाग -5
(67)
पाठक संख्या − 1178
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सारांश

सुधा एक एक पैसे के लिए तरस गई। मनोज की बात न मानने पर मनोज उससे दूर रहने लगा। जब कभी घर आ आकर वो सुधा को परेशान करता और उसे मजबूर करता और कभी कभी जबर्दस्ती भी करता। सुधा को उसके कारनामे पता चले जबसे ...
Sumit Kumar
mujhe ye khaani kisi ki yaad dilati h ak Baar mere dost ne bhi yesa hi kuch Kiya tha or akhir me usse bhi sja Mili faasi ki
anupam kumar
कहानी आगे बढ़नी चाहिए कृपया कहानी को सम्पूर्ण करें...
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Santosh Bharti
कहानी का हर पहलू बहुत अच्छा है
Asha Shukla
बहुत ही जबरदस्त कहानी!!👌💐
Aashu Khan
bahut hi achchi aur duniya ka khaufnak chehra dikhati he apki kahani shayd aaj ki duniya me vishwas ka koi mol nahi bas sab apne matlb ke liye jeete he...good work
dr giri
अच्छी कहानी।
प्रगति सिंह
अच्छी और कुछ अलग कहानी👌
Jaya Singh
wah sir kya kahani hai kamal likha hai aapney
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