मैं चरित्रहीन थी न.....!

विनायक शर्मा

मैं चरित्रहीन थी न.....!
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सारांश

यह कहानी एक लड़की के प्रति हमारे समाज की सोच की प्रस्तुति है।
Ritu Pant Madhwal
bacho k liye durabhav bahut kharab lgta h.kahani smaj ki vastvikta ko bakhubi varnan krti h.
Ajay Pandey
बहुत सुंदर कहानी शुरुआत बहुत ही रोचक तरीके से हुई है लिविंग रिलेशन की अच्छाई अच्छी सूज भुज के साथ अपनाने पर वह फायदेमंद ही साबित होती है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की एक स्त्री को मुकाम पानी के लिए किन किन हालातों से गुजर ना पड़ता है इसका बखूबी चित्रण बड़े ही सहज तरीके से किया गया है
Nitin Kr Gupta
ye samaj sirf paise aur power ki respect krta hai.. aap kamjor aur garib hain to ye samaj aapki respect nhi krega chahe aap kitne bhi imandaar kyun na ho
Akashkumar saini
good .wah vinayak .dil ko chhu jani wali story psand aai.hr ladki ka isa hi sapna ho . HR ladkiya apni ijjat ese hi bachaye rakhe.thanks
Juhi Gupta
very nyc story.....nd realistic 👏👏👏
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