मैं खुशबू

शालिनी मौर्य

मैं खुशबू
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सारांश

मैं खुशबू तेरे तन की, तू ओढा हुआ लिबाश मेरा। मैं लिख कर छोड़ी हुई गजल, तू अधरो पर आया हुआ साज मेरा।। मै धूल तेरे चरणों की, तू माथे का सिंदूर मेरा। मैं एक कामना तेरे मन की, तू जीवन का प्यार मेरा।। ...
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