मैं और मेरा कातिल

प्रीति श्रीवास्तव

मैं और मेरा कातिल
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सारांश

श्रेय हँस कर बोला पता नहीं रोबर्ट आया था की भूत पापा! फिर ताली बजा कर बोला - भूत आया,भूत आया, भागो!भागो! अचानक झल्ला कर शीना एक थप्पड़ जर दी श्रेय रोने लगा और लाल लाल आँखों से देखते हुए बोला -"आप मुझे मारी कल पापा को भूत मारेगा और आपको भी। "सजल श्रेय को क्यों मार दी बच्चा है चलो श्रेय को सॉरी बोलो शीना श्रेय के तरफ मुड़ कर देखि तो सकते में आ गई श्रेय की आँख अजीब डरावना और होठों पर विचित्र मुस्कान था फिर भी वह सॉरी बोल कर उसका हाथ पकड़ी जो काफी सख्त लगा। श्रेय अपने कमरे में सोने चला गया और शीना सजल अपने कमरे में चले गए।
Shubh Dubey
जबर्दस्त
Kamlesh Vajpeyi
अच्छी कहानी !
Dr vijaykant shilwal
अंत पसन्द नही आया।।।।।
Sandeep Rawat
good but need to improve
Aryan Verma
it's good not well done Becoz some update required
Jsk Mann
Kuchh bhi... not romantic ..not horror... its difficult to difine that story is complicated or writer
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