मेहुल

जयति जैन "नूतन"

मेहुल
(40)
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सारांश

" कहा मर गयी, मुंहजली नाशमीटि... मेरे मेहुल को भड़काने वाली ! क्या बोल रही थी मेरे बच्चे से कि उसे घर से बाहर निकालने के लिये दूसरी शादी की मेरे बेटे ने ! सौतेली मां कभी सगी नहीं बन सकती ! खुद सौतेली है कमिनी खा गयी अपने पति की पहली औलाद को तो दूसरे को भी ऐसा ही समझती है , बाहर आ... " मुह्ल्लेवालो को फ्री मे तमाशा देखने मिल रहा था ! सीमा और मनन बडि मुश्किल से मां को मनाकर लाये ! मेहुल सब देख रहा था, तभी पडोसवाली रीता काकी आयी और मेहुल से बोली- अकसर सौतेली मां को लेकर हमारी धारणा गलत ही होती है ! क्युकि हमने हमेशा गलत पहलू को ही अपनी सोच का हिस्सा बना रखा है ! जबकि हर जगह एक जेसा नहीं है ! कुछ सौतेली मांये अच्छी हैं तो कुछ बुरी ! लेकिन हम और हमारा समाज उस मक्खी की तरह है, जो पूरा शरीर छोड़कर सिर्फ घाव पर ही बैठती है ! आज हम आस पास देखे तो पायेगे कि कुछ सौतेली मांये बलिदान की प्रतिमूर्ति हैं ! जिन्होने घर को संवारा, बच्चो को सम्भाला और बच्चे भी उन्हें अपनी सगी माँ की तरह ही मानते हैं ! लेकिन कुछ बुरी मांये भी हैं जिन्होने अपने सौतेलेपन से बच्चों की जिंदगी बर्बाद कर दी ! इसीलिये हम हमेशा बुरे लोगों को ही याद रखते हैं ! "
Shiven Singh
मां?????????? समझ नहीं आ रहा है कि क्या लिखूं🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗🤗 बस एक आसूं गिर पड़ा 😊😊
Ravi Prakash
बेहतरीन कहानी।रूला दिया आपने तो।
Anju Chouhan
wah, bahut acchi story
अफ़जल अहमद
waaaah....jabardast👌👍
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