मेरे पति का हत्यारा-1

अनिल गर्ग

मेरे पति का हत्यारा-1
(67)
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सारांश

जब एक विधवा का उसके पति से सामना होता है
Artee priyadarshini
बहुत अच्छा लिखा है आपने
Pari Jangra
ye novel poora kaha hai part 1 hi h iska yha
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कुलदीप सिंह हुडडा
आपकी इस कहानी ने वेद प्रकाश शर्मा की लेखनी याद दिला दी..जबरदस्त लिखा है आपने..शुरू से अंत तक दिलचस्पी बरकरार रहती है..
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