मेरी पसंद की नोकरी

Kiran Singh

मेरी पसंद की नोकरी
(23)
पाठक संख्या − 265
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सारांश

जब हम अपनी पसंद का कुछ करना चाहते हैं तो।चाहै वह नोकरी ही क्यों ना हो थोड़े संघर्षों के बाद हम पा ही लेते हैं।
Dhani Vyas
संयुक्त परिवार में रहना बड़ा मुश्किल हो ता है। मेरा बचपन संयुक्त परिवार में ही बीता है।नये-नये रंग काफी देखें है। जिसने मुझे मजबूत और सहनशील भी बनाया है।
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Sirajuddin Sirajuddin
एक औरत के संघर्ष की भावनात्मक कहानी I एकअच्छी कहानी I
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Sarita Chaturvedi
भावपूर्ण कहानी कहने को संयुक्त परिवार होते हैं पर जूझना परिस्थितियों से खुद को ही पड़ता है ।
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शैलेश सिंह
लाजवाब कहानी दीदी, आपकी कलम अच्छा साथ देती है,,
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Damini
भावनाओं में बहते हुए कहानी लिखी है आपने ।संयुक्त परिवार का चित्रण सी सटीक किया है। ऐसी परिस्थिति में भी नीति ने हिम्मत नहीं हारी। जिसका फल आखिर उसे मिल ही गया
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शहला अंस।री
सुंदर रचना
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Sunita Dave
Maa KA saath bahut jarue
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💕
अति उत्तम रचना
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Pramod Ranjan Kukreti
बहुत सटीक चित्रण ।
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