मैं चुप नहीं रहूंगी

संजीव जायसवाल ' संजय '

मैं चुप नहीं रहूंगी
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सारांश

इज्जत की शुचिता और अखंडता की जिम्मेदारी केवल स्त्री के ही जिम्मे क्यूं ? क्या पुरूष के कौमार्य और उसकी मर्यादा को अच्छुण रखना आवश्यक नहीं ? यदि बलात्कार से स्त्री का शरीर अपवित्र हो जाता है तो उसे अपवित्र करने वाले पुरूष का शरीर पवित्र कैसे रह सकता है ? अपराधी के बजाय अपराध की सजा वह भुगते जिसके साथ अन्याय हुआ है यह कहां का न्याय है ? इसी कहानी से ....
Archana Varshney
बहुत बढ़िया
Davinder Kumar
लाजवाब कहानी
rita singh
bahut badiya , nayab tarika justice pane ka... 👌👌👌
Rajkumari Mansukhani
Ishwar itni himmat sabko de mere regsnte Khare aur aankhoa me aanshoo hai salute us bacchi Ko Sur thanks aapko kisses pafne walo Ko ek Nie disha
Paban Lodha
अगर कोई लड़ने के लिए तैयार हैं तो तो दूनिया को झुकना पड़ता है। धन्यवाद आपका।
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Usha Garg
बहुत उम्दा अच्छा लिखा है मोनिका जैसी हिम्मत अगर पीड़ित लडकिया करे तो समाज से ये बुराई काफी हद तक मिट जाए
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Rashmi Soni
बहुत ही साहसिक
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Sudha Jugran
बहुत ही खूबसूरत और हिम्मत देती कहानी । शरीर पर लगे दूसरे घावों की तरह कोई पीड़ित इस घाव को भी क्यों छुपाये, वह भी उस इज्जत की खातिर जिसे देखा नहीं जा सकता, नापा नहीं जा सकता । एक मुश्किल भरा और बहुत ही साहसिक अंत था कहानी का । यह कहानी मैं पहले भी आपकी प्रोफाइल पर पढ़ चुकी हूँ । मार्ग दर्शन करती हुई कहानी । एक पुरुष होते हुये भी, स्त्री के पक्ष में, स्त्री विमर्श को लेकर कई रचनाएँ पढ़ ली आपकी । अच्छा लगा । आज आपकी सभी रचनाएँ पढ़ ली हैं संजीव जी । अब नई रचनाओं का इंतजार है । आपकी इतनी सारी रचनाएँ एकसाथ पढ़ना तो किसी इंस्टीट्यूट में पढ़ने जैसा है। विभिन्न विषय, विभिन्न जानकारियाँ, विभिन्न सोच विचार, विभिन्न आयाम....और आपकी कहानियाँ कभी एक जगह पर सीमित नहीं रहती । कभी नगालैंड पहुंच जाती हैं तो कभी कुफरी तो कभी देश की सीमाओं पर घुमा लातीं हैं तो कभी किसी समुद्र तट का वर्णन, तो कभी कहीं की हवेली....अदभुत चित्रण रहता है सब जगह का। आपकी लेखनी अदभुत है और सीमायें अपार। प्रतिलीपि पर आपकी कहानी "क्रिकेट क्रिकेट में तू तू मैं मैं " शायद डिलीट हो गई है इसलिए पढ़ने को नहीं मिली। क्लिक करने पर कहानी दिखाई नहीं देती है। मेरे लिए आपकी इतनी सारी रचनाएँ एकसाथ पढ़ना कुबेर के खजाने में डूबने जैसा रहा ।
Nirmala Choudhary
बेहतरीन ,अदम्य साहसपूर्ण कहानी 👌👌
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