मैं चुप नहीं रहूंगी

संजीव जायसवाल ' संजय '

मैं चुप नहीं रहूंगी
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सारांश

इज्जत की शुचिता और अखंडता की जिम्मेदारी केवल स्त्री के ही जिम्मे क्यूं ? क्या पुरूष के कौमार्य और उसकी मर्यादा को अच्छुण रखना आवश्यक नहीं ? यदि बलात्कार से स्त्री का शरीर अपवित्र हो जाता है तो उसे अपवित्र करने वाले पुरूष का शरीर पवित्र कैसे रह सकता है ? अपराधी के बजाय अपराध की सजा वह भुगते जिसके साथ अन्याय हुआ है यह कहां का न्याय है ? इसी कहानी से ....
Anshul Tiwari
very nice and eye opening story for society....
ruchi
right n right decision
Gogapur Mahidpur Road
लाजवाब सोच
Punam Saxena
sabak sikhane Bali behtreen story
Priyanka Maddheshiya
बहुत खूब आप ने लिखा है क़भी किसी को चुप नहीं रहना चाहिए हर जुल्म के खिलाफ आवाज उठाना।चाहिए ,
नैन राज
abhi do kahaniyan pdhi.. Kabil... aur mai chup nhi rhungi.... sirf pdhne k liye n pdhe blki ye sikhe ki hme kya bn na h aayushi ya monika....
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Archana Varshney
बहुत बढ़िया
Davinder Kumar
लाजवाब कहानी
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