मेरा गर्भ मेरा चूनाव

Vijay Parmar

मेरा गर्भ मेरा चूनाव
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सारांश

औरत की जिंदगी भी कितनी अजीब होती हैं, जो दूसरे को जन्म दे सकती वह अपने अस्तित्व को ही ढूँढती रह जाती हैं।
DrSangeeta Saini
जब पैदा स्त्री को करना है तो हक़ भी उसे ही होना चाहिये किसे चुने और किसे नहीं। बहुत ही तर्कसंगत और न्याय संगत भी । सबसे दिलचस्प है इसका समापन, काश इस जैसी हर कहानी को ऐसी ही मंजिल मिल पाती ।
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अजय
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