मेमसाहब

वीणा वत्सल सिंह

मेमसाहब
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सारांश

अंग्रेज चले गए लेकिन कुछ अंग्रेजियत हमारे देश में ही सदा के लिए छोड़ गए | इन्हीं में से एक है – प्रशासनिक अधिकारियों को साहब तथा उनकी धर्मपत्नियों को मेमसाहब कहने की परम्परा | जो , आज भी अपनी पूरी ...
Devendra Kumar Mishra
बहुत ही सुन्दर । आपके विचारों से बुना ताना बाना,निश्चित ही दिल को झकझोर कर रख दिया। आपके विचार इस समाज में आज भी ऐसा हो रहा है को वर्णित करता है। बच्चे ऐसे होने चाहिए यह समाज को एक शिक्षा है। आपके भावो विचारो को नमन। मेरी भी रचनाओँ को रेटिंग दे एवं समीक्षा करे। धन्यवाद
Archana Sharma
बच्चे ही कई रिश्तों को जोड़ने में सहायता करते हैं, नहीं तो बहुत से विवाह वास्तविकता में समझौता ही होते हैं कहीं पति करते है कहीं पत्नी ।
Pawan Pandey
मन को विचलित कर देने वाली ऐसी हकीकत कहानी जिसमें पुरुष का झूठा अहंकार, बेशर्मी, कायरतापूर्ण स्वभाव रात्रि को उजागर होता है, नारी मन की बेबसी, दर्द, को सजीव चित्रण के साथ प्रस्तुत की गई है। कहानी एक ओर जहां ऐसे ना मर्द के प्रति मन में नफरत के भाव उत्पन्न करते हैं, वहीं दूसरी ओर नायिका की स्थिति पर एक दर्द की टीस हृदय में उभरती है। बेहतरीन कहानी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई।
Shashi Mishra
बेबसी की इंतहा।
Rachana Wadekar
पवित्र रिश्ता भयानक रूप.
Shivani Thakur
दिल को छू गई
Chanda Kumari
more than five starred stort
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