मेन इन यूनिफ़ॉर्म

विजय कुमार सपत्ती

मेन इन यूनिफ़ॉर्म
(334)
पाठक संख्या − 11715
पढ़िए

सारांश

धाँय ....धाँय ....धाँय ..... तीन गोलियां मुझे लगी ,ठीक पेट के ऊपर और मैं एक झटके से गिरा....गोली के IMPACT और जमीन की ऊंची -नीची जगह के घेरो ने मुझे तेजी से वहां पहुचाया , जिसे NO MAN'S LAND कहते है ...
Vinayak Nk
🙏🙏🙏🙏🙏
Tulsiram JaiSwal.
बहुत सुंदर रचना धन्यवाद आपका
Gaurav Kumar
निःशब्द कर दिया है आपकी इस कहानी नें। आपकी इस कहानी को पढ़ कर सच कहें आँखों में आँशु आ गए। सीमा पर लड़ने बाले बहादुर सैनिकों का अद्भुत चित्रण।
Manisha Jain
ऐसा ही है सब। दुनिया चलती रहती है। आज हम बहुत ईमानदारी से अपना काम करते हैं लेकिन लोगों को पसंद नहीं है उनको चाहिए की कोई ले दे कर उनका गलत काम भी पास कर दे। फिर कहते हैं कि curruption बहुत है।
sudha tiwari
हमारे समाज मे ऐसा होता है
MOHAMMAD AFJAL
सर लाजवाब। सिर्फ एक ही देश से लड़ाई। फिर भी हमारे और उनके बीच राजनेता सुलह नही होने देते। और कितने ही गरीब सिपाही यो के घर उजड़ रहे हैं।
Priyanka Tyagi
यथार्थ.... मेरा देश महान.....
Akash Love
I have no words 🙏🙏🙏🙏
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.