मेघा

शशि रंजन

मेघा
(113)
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सारांश

“जब मेरे नाम के आगे डाँ लगेगा तब, कितना अच्छा लगेगा न, डाँ मेघा सिंह” “अच्छा तो लगेगा , लेकीन एक बात बताओ, जब तुम अपने नाम के आगे डाँ. लगाने के लिये दिन-रात एक कर के पढोगी, तब तुम्हारे पास मुझसे मिलने का वक्त नही होगा और तब मेरा दिल बिमार पड जायगा, तो फिर मेरा क्या होगा कालियाँ” वो हँसने लगी, और फिर, “मैने आपसे प्यार किया है सरदार, आपको भुलुंगी कैसे” “मुझे तो नही लगता कि आपने मुझसे प्यार किया हैं” “क्यूं?” “कई दिनो से अहसास नही हुआ हैं प्यार का, दिल को और होठो को भी” “अच्छा बच्चू , होठो को प्यार का अहसास चाहिए”
Vishal Sharma
bhut hi marmik. aapko bta du ki meri gf ka naam bhi megha hi hai pr jane kyu ab wo baat nhi krti aur ab bs uski yaado ka shara hai
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Sangeeta Singh
अच्छी और जबर्दस्त कहानी, बदला लेना जरूरी था क्योंकि हमारी न्याय व्यवस्था इतनी लम्बी और लचर है कि उससे न्याय की उम्मीद करना बेकार है।
Deepak Kumar
beyhadh khoobsurat........
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Neelam Verma
omg aise mat rulaya karo
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ruchi
awesome
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Reema Bhadauria
Lovely.. Really nice 😊😊
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Priyanka tiwari
wakaiii Megha brshi h ajj.......ye dastaan pdhte pdhte.... Ranjan ji
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Krishna Prasad
अच्छी कहानी
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Jyoti Acharya
lajwab story
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Aradhana shweta Sharma
heart touching.......
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