मेघा

शशि रंजन

मेघा
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सारांश

“जब मेरे नाम के आगे डाँ लगेगा तब, कितना अच्छा लगेगा न, डाँ मेघा सिंह” “अच्छा तो लगेगा , लेकीन एक बात बताओ, जब तुम अपने नाम के आगे डाँ. लगाने के लिये दिन-रात एक कर के पढोगी, तब तुम्हारे पास मुझसे मिलने का वक्त नही होगा और तब मेरा दिल बिमार पड जायगा, तो फिर मेरा क्या होगा कालियाँ” वो हँसने लगी, और फिर, “मैने आपसे प्यार किया है सरदार, आपको भुलुंगी कैसे” “मुझे तो नही लगता कि आपने मुझसे प्यार किया हैं” “क्यूं?” “कई दिनो से अहसास नही हुआ हैं प्यार का, दिल को और होठो को भी” “अच्छा बच्चू , होठो को प्यार का अहसास चाहिए”
Himanshu Pal
बेचारी मेघा
Anjali Bhardwaj
bahut hi pyari story h ,,heart touching
Amit gupta
जबर्दस्त
Gupta Rachna
यादें ऐसे ही परेशान करती हैं एक अच्छी कहानी
Ratan Ratnesh
मोबाइल samsun का होगा
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