मुरली की धुन?--भाग(७)

सरोज वर्मा

मुरली की धुन?--भाग(७)
(48)
पाठक संख्या − 713
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सारांश

किरन ने मुरली को रूखा सा जवाब दे तो दिया लेकिन उसका दिल भी मुरली को ऐसा जवाब नहीं देना चाहता था, किरन को लगने लगा था कि वो मुरली से लगाव रखकर सूरज को अनदेखा कर रही है लेकिन फिर उसका दिल ये भी कहता था ...
Madhuri Raninga
very heart touching
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Ashok Lal
bahut sunder story
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Kiran Singh
आखिर मे सब मिल ही गये माँ की ममता दो मासूम दिल भाई भाई पिता पुत्र अंत भला तो सब भला ।सुन्दर मिलन की कहानी
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Vandana Rastogi
बड़े नगरों में स्वच्छ जल का अभाव और कहानी में कुंए का मीठा जल पढ़ कर ही तृप्ति का आभास दे गया। गांव का जीवन और स्वभाव की सहजता। श्रेष्ठ कहानी, सुन्दर
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जुनैद वोहरा
मुझे लगा था कि कहानी अब तक खत्म नही हुई है पर अब पता चला जिस वजह से समय पर समीक्षा न दे पाया सुंदर अंत 😊😊
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RAGINI RISHI
lovely story 👌👌👌💖
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Poonam Rawat
supub
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Santosh Nayak
कहानी का सुखद अंत अच्छा लगा। मुरली की धुन ने ही आखिर सब बिछड़े मिला दिये। रचना में ग्रामीण जीवन का वर्णन बहुत अच्छा बन पड़ा है।
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dinesh kadam
sundar..hridaysparshi antim bhag
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शहला अंस।री
बेहददददद खूबसूरत कहानी,,,,,ऐसा लग रहा था मानो सब कुछ मेरी आँखों के सामने हो,,,,,शानदार।
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