मुरझाया गुलाब #ओवुमनिया

Tinni Shrivastava

मुरझाया गुलाब #ओवुमनिया
(8)
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सारांश

तुम कुछ बोलोगी भी या नहीं ? डॉक्टर साहब कुछ पूछ रहे हैं न ? अब आई हो तो बोलो!"  "सब ठीक है। मैं बिल्कुल ठीक हूँ ।मुझे कोई परेशानी नहीं है।" "तो,  क्यों आई हो ? अब फीस दिया है तो बात कर ही लो ताकि दिल को सुकून मिले।"  ..........पति पत्नी के बीच बढ़ती कड़वाहट पर एक रचना
Pragya Tiwari
beautiful story ..loved it
Neelu Goel
nice
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अंशु शर्मा
bahot sahi. ..pati patni ke rishte aise bhi hote hain
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Priyanka Shrivastava
बहुत अच्छी कहानी।
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Bharti Vashishtha
bahut sundar kahani di
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