मुट्ठी भर खुशियाँ

नैनी ग्रोवर

मुट्ठी भर खुशियाँ
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सारांश

पूनम ओ पूनम.. आई...लगभग भागती हुई पुनम कमरे में आई.. ये मेरे मोजे कहाँ हैं..? ये तो रहे...पूनम ने बिस्तर पर रखे कपड़ों के साथ ही पड़े मोजों की और इशारा किया.. और मेरा रूमाल..? सब कुछ यहीं है सुरेश.. ...
Anshul
very very nice story dil ko chu gai
Sageena Gupta
nice story but husband wife ko respect dete kahan hai
Davinder Kumar
आप की कथा का प्रवाह काबिले तारीफ है
Rajni Sharma
bhut achhi story ab time AA gya h k aaurt ko Apne liy bi jeena chahiy
Ajay Gupta
सब को साथ चलना चाहिए तभी घर घर कहलाता है
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