मुझे तुम जरूर मिलोगी

मनमोहन गुप्ता मोनी

मुझे तुम जरूर मिलोगी
(182)
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सारांश

बिंदू,मंजू और राहुल कालेज के समय के तीन दोस्त। तीस साल बाद जिंदगी के इस मोड़ पर इकट्ठे होते हैं। रिटायरमेंट के पास पहुंच कर जिंदगी की दुश्वारियों के साथ खुलासा होता है उनके प्यार का , तो क्या स्थितियां होती हैं। कुछ भी कहने की स्थिति में न होते भी बहुत कुछ कह डालते हैथ कहानी के पात्र।
Beenu
hummmmm....aaj ka such
Vandana Verma
bahut hi sundar rachna... sabka aane wala kal
मीना मल्लवरपु
meaningful...well written!
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Sjl Patel
wah story 👌👌👌👌👌👌👌👌
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Nk Vishwakarma
bahut hi marmik
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Mukul
very well story
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Sangeeta Goyal
nice
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Kuljit Kaur
Nice story
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Sunil Joon
Nice
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shivani
superb story
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