मानसरोवर भाग 1

मुंशी प्रेमचंद

मानसरोवर भाग 1
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सारांश

हिन्दी के सर्वोत्तम साहित्यकारों में से एक, उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की अधिकतर कहानियाँ मानसरोवर में संग्रहीत हैं। मानसरोवर के इस पहले भाग में ईदगाह, पूस की रात, अलग्योझा और ठाकुर का कुंवा जैसी बेहतरीन कहानियाँ सम्मिलित हैं।    भाग २: दो बैलों की कथा, रियासत का दीवान, डामूल का कैदी एवम कानूनी कुमार इत्यादि भाग ३: शतरंज के खिलाड़ी, मुक्तिधन, सत्याग्रह, स्वर्ग की देवी इत्यादि भाग ४: अभिलाषा, भूत, सवा सेर गेहूँ, स्मृति का पुजारी इत्यादि भाग ५: कज़ाकी, पिसनहारी का कुंवा, प्रायश्चित, एक्ट्रेस इत्यादि भाग ६: यह मेरी मातृभूमि है, रानी सारन्धा, मर्यादा की वेदी, अमावास्या की रात्रि इत्यादि भाग ७: बड़े घर की बेटी, दुर्गा का मंदिर, दो भाई और जिहाद इत्यादि भाग ८: नमक का दारोगा, हार की जीत, बूढ़ी काकी, उपदेश इत्यादि
Sudhir Kumar Sharma
समाज का पारदर्शक दर्पण
Uma Gupta
मार्मिक
GangeshKumar Shukla
अति सुंदर
अर्चना आनंद भारती
आपकी रचनाओं पर टिप्पणी करने के लिहाज से बहुत छोटी हूँ
Malti Sengar
speechless, superb story Prem chand ji ko sat sat naman. 🙏
mukesh kumar sharma
प्रेमचंद जी हिंदी साहित्य के सम्राट हैं उनकी कहानिया अतुलनीय है।
Imran Ali
bahut hi achhi kahani h . pehle log kitne sahanshil hote the...
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