माछेर झोल

aparna

माछेर झोल
(105)
पाठक संख्या − 1785
पढ़िए

सारांश

एक लघुकथा।।
Shilpi Saxena
bahut hi bhavpurna aur pyari kahani....tareef ke liye shabd nhi hai hamare pass....👌👌👌👌👌👌👏👏👏👏👏👏
रिप्लाय
और्व विशाल
क्षमायाचना के साथ भूलसुधार कर रहा हूँ अपर्णा🙏🙏🙏🙏
रिप्लाय
Archna Maru
bahut khoob lazvab rachna very nice heart touching story
रिप्लाय
Xxx
Xxx
आपकी कहानी हृदय को छू गई, अबोध खुकू ओर मिष्टी का निस्वार्थ प्रेम जहाँ प्रफ्फुलित करता है वही मिष्टी का जाना दिल को भारी कर देता है। खुकू के बाल-मन पर मिष्टी की मौत का प्रभाव, उसका करुण क्रंदन, अपने प्रिय व्यंजन माछेर झोल का त्याग झकझोर कर रख देता है। आपने कहानी में जिस तरह फूलों की विविधता, व्यंजनों के विविध नामों का उल्लेख किया है वो सब आपके ज्ञानकौशल को परिलक्षित करता है। शाकाहार के प्रति रुचि जगाने वाली आपकी कहानी बेजुबानों से प्रेम का पाठ भी पढ़ाती है। आपकी जितनी तारीफ की जाए कम ही है। अपने जबरजस्त फैन का 🙏🏻प्रणाम स्वीकार कर अनुग्रहित करने की कृपा करें।
रिप्लाय
shiv
शानदार
md.masha allah manihar.
@aparna ji ...aapne machli or chidiya k zariye se jiwan chakra k satya ko jis tarah aapni lekhani mai piroya hai...wo adbhut hai....mere paas aaise sabad nahi k mai aapke iss lekh par kuch tippani kar saku Allah humesa aapko khush rake...or app yuhi behtarin kahaniya , kavitaye.....likhti rahe ............😇
रिप्लाय
Arun Ahuja
बहुत ही भावपूर्ण कहानी बंगाल की पृष्ठभूमि का सजीव चित्रण दिल को छू लेने वाली कृति प्रकृति के क्रूर जीवन चक्र का मार्मिक कथानक!
रिप्लाय
गुरनाम सिंह
बहुत बढ़िया
रिप्लाय
Sushma Pakmode
Very nice so good so sweet kahani. Speechless jo bathy dil ko lag jathi hai. Us ko dil dobara karne ki mnjuri kabhi nahi detha. Thanks..
रिप्लाय
सारी टिप्पणियाँ देखें
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.