मां और गरीबी #ओवुमनीया

Lalit Harit

मां और गरीबी #ओवुमनीया
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सारांश

वो मां थी जो इतनी गरीबी में भी हमें पालती रही.... अपने आसुंओ का निवाला बना- बना कर हमारे अदंर डालती रही,,,,। गरीबी इतनी थी,पर उसने हमें कभी रोने ना दिया..... आप रही भूखी पूरा- पूरा दिन,पर हमे कभी ...
ईश्वर सिंह बिष्ट
सशक्त सार्थक सकारात्मक सृजन ।
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