माँ

रमेश रावत

माँ
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सारांश

जैसे ही उसके कंधे पर किसी ने हाथ रखा, उसने घबराकर हाथ झटक दिया, मुड़कर देखा तो रीमा थी। "मैंने तो बड़े प्यार से हाथ रखा था, पर तुम तो ऐसे चौंकी, जैसे करंट लग गया हो?'' रेखा की तेज चलती साँसों को ...
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