माँ

अभिनव त्रिपाठी

माँ
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सारांश

तक़रीबन दो-ढाई साल पहले मैं अपने आप में बहुत व्यस्त रहा करता था। मुझे मार्केटिंग लाइन में नौकरी मिली थी।मैं सुबह 9 बजे के आस पास घर से निकल जाता था और शाम में कब वापस आता इसकी किसी को कोई खबर नही रहती ...
Manu Prabhakar
अभिनव जी ये वास्तविक अनुभव था या वास्तविकता से भरी काल्पनिकता!! जो भी हो कथानक बेहतरीन है।
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Vijay Kushwaha Vijay Sangam
मां होती है ममता वाली,👪👪 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
Blogger Akanksha SAXENA
बेमिसाल लेखन
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shakun gautam
वाह 🙏🏼🙏🏼 मां के प्यार और परिचय के लिए धन्यवाद आपका 👍👍
Mala Arya
बहुत ही मार्मिक
Sanaya Singh
very nice ..bt ye story edit ki hui h
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