माँ रुपी पिता

मनीषा गौतम

माँ रुपी पिता
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सारांश

यदि माँ, प्यार और देखभाल करने का नाम है तो मेरी माँ मेरे पिताजी है। यदि दयाभाव, माँ को परिभाषित करता है तो मेरे पिताजी उस परिभाषा के हिसाब से पूरी तरह मेरी माँ है। यदि त्याग, माँ को परिभाषित करता है तो मेरे पिताजी इस वर्ग में भी सर्वोच्च स्थान पर है।
Vikas Bindal
There is no word to say any thing. V. V. Nice
Sarita Gupta
bahut hi pyari story
Vinod Gupta
दिल को छूकर गई हैं यह कहानी
usha 
usha jain
बहुत ही सुंदर, दिल को छूने वाली रचना है।
Davinder Kumar
पिता पुत्री के रिश्ते पर आप की कहानी बेहद मार्मिक है
राजेश सिन्हा
ये क्या लिख डाला आपने ? निःशब्द कर दिया आपने।
Brij Bhushan Bharati
लेखिका मनीषा गौतम को कोटि कोटि बधाई इस तरह के हृदय स्पर्शी लेख प्रस्तुत करने के लिए।
Padamja Rastogi
दिल को छूने वाली कहानी
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