माँ को ऐसे भी देखे

रंजना जायसवाल

माँ को ऐसे भी देखे
(13)
पाठक संख्या − 385
पढ़िए

सारांश

माँ.. कितना पवित्र शब्द है! कितना दैवीय !देव-दानव,मनुष्य किसका सिर नहीं झुकता इसके आगे |पशु-पक्षी भी माँ के महत्व को जानते हैं |भारतीय संस्कृति में तो माँ को पूजने की परम्परा है –अतिथि और पिता के साथ ...
Suman Yadav
very nice 👌
रिप्लाय
Madabhushi Rangraj Iyengar
पुरूष प्रधान युग में नारी की विवेचना की गई है जो आज के पूर्णतः विपरीत है. आज नारी त्यजित नहीं, कंधा मिलाने की नहीं, कंधे से कंधा रगड़ कर आगे बढ़ चुकी होने की बात करती हैं। ऐसे समाज में यह लेख ऐतिहासिक दस्तावेज के अलावा कुछ नहीं लगता.
रिप्लाय
Soma Chatterjee
अत्यउत्तम
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.