माँ कैसी हो तुम ?

आभा सक्सेना

माँ कैसी हो तुम ?
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सारांश

कल ही मैं माँ को मेंन्टल हॉस्पीटल में छोड़ कर आयी हूं उनको मेंटल हॉस्पीटल में छोड़ना मेरी मजबूरी बन गयी थी अगर,परिवार के सभी सदस्य मेरा साथ देते तो मैं कभी भी माँ को मेंटल हॉस्पीटल में नहीं छोड़ती। मॉँ ...
Puneet Mishra
mai khamosh hu kyu ki ye istithi bahut hi ajib hai bs ek hi bat kahuga kisi kobbhi is istithi ka samna na krna pde .
डा. मनसा पाण्डेय
bujurgo ki dekhbhal SB milker kre.yse mi ek asfmi nhi sambhal payga.
Meera Parihar
आभा जी आप हर विधा में सिद्धहस्त हैं।
puneeta
bahut sundar kahani hai .....ma se prem bhi hai par zimmedaariyan bhi .....balance karna bahut kathin hota hai .....ye kahani hi nahi hamare saath hui kaafi milti julti ghatnaayen hain ....sabka saath mile to hi kaam ban pata hai
Chhaya Srivastava
बहुत गम्भीर कहानी।माता पिता को इस तरह की अवस्था मे संभालना बहुत मुश्किल है।कटु सत्य।
Nupur Prabhakar
जीवन की बहुत बड़ी सच्चाई है।जो माँ बापू हमें पालते है। उनकी ऐसी अवस्था देखकर रूह कापं जाती है।।।
Nirmala Pandey
bhut hi achhi khani dil bhar aaya
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