माँ की दुआ

Divya rani Pandey

माँ की दुआ
(45)
पाठक संख्या − 148
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सारांश

माँ तेरी हर दुआ में मैं होती हूं, माँ मेरी हर वफ़ा में तू होती है। माँ तेरे सपनों में मैं होती हूँ, माँ मेरे अपनों में पहले तू होती है। माँ तू हर पल मुझे सोचती है, मेरी ये नज़र तुझे खोजती है। माँ तू ...
और्व विशाल
बहुत सुंदर भाव प्रकट हो रहे हैं माँ के प्रति 👌👌👌
Vidya Sharma
बहुत ही सुंदर और भावपूर्ण रचना... मां से मेरा भी बहुत ही करीबी लगाओ है मुझे तो ऐसा लगता जैसे वह हर वक्त मेरे आस-पास ही होती है मैंने भी उनके लिए एक रचना लिखी है... तू याद बहुत आती है मां... आप पढ़िएगा आशा करती हूं आपको पसंद आएगी
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sapna sharma
bahut khub
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Neha Sharma
वाह बेहतरीन प्रदर्शन। बहुत- बहुत शुभकामनाएं...............
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Amar Nath Soni
बहुत अच्छा प्रयास...
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Dinesh Kumar
"मां" ईश्वर का दूसरा रूप होती हैं, जितना लिखा जाए उतना कम है।। I love you Mummy PaPa ।।।।
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Rajkumar Sahu
अति उत्तम
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manoj kumar
maa ke liye apne bahut hi achha likha jitni tariff kro utna hi Kam he
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