महाराणा प्रताप

सुरेन्द्र प्रताप सिंह

महाराणा प्रताप
(18)
पाठक संख्या − 53
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सारांश

कतरी करा अनरी बढ़ाई, पग पग पे मेवाड़ अनरी कथा सुनाई। लोक माया त्याग वन में दिओ जीवन बिताई, राजकुँवर अमरा ने घास खिला दी रोटी बताई। खानेखाना औऱ बेगम ने घरे दियो पुगाई, अमर सिंह ने सिखला दियो क्षात्र ...
अनिता तोमर
उत्कृष्ट लेखन......👏👏👏👏
ईश्वर सिंह बिष्ट
great creation and congratulations to you.
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Meenu Rawat
महाराणाप्रताप के जीवन को चन्द पंक्तियों में उतार दिया आपने । बेमिसाल रचना।
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નેહા ઉપાધ્યાય
dhyan hai mevad ki bhoomi..jay ekling ji..
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Mahender Kumar
nice
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Suman Tandon
महाराणा प्रताप का नाम सुनकर ही मन गर्व से भर जाता है, महान इन्सान की महान रचना.
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DIVYA GAUR
.बहुत खूब
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Destiny
maharana pratap nam hi kafi he 🙏 jai ekling ji 🙏
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