महाभारत-१

mukesh nagar

महाभारत-१
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सारांश

महाभारत ******** एक महाकाव्य....एक कथा जिसमें सार है- हम सबके जीवन का... पर.. निश्चित रूप से ये सारी कहानियाँ हम सबने पहले कभी भी न सुनी होंगी। तो आइए, "नारायण नमस्कृत्वा" आरम्भ करते हैं... म हा भा र ...
Babu Lal
nice
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मुकेश शेषमा, झुंझुनू (राज.)
उम्दा...लिखने में पारंगत....
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shraddha
great kavya
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पं.रवि शास्त्री
वाह साब वाह! हृदय में नई कोपलें खिल उठी। सार्थक प्रयास, शब्दों के सही चुनाव का असर अंत तक बांधने में सफल सिद्ध होता है। और सबसे बड़ी बात मन में जिज्ञासा भी भर देता है तथा अगली कहानी के लिए बेसब्री व बेचैनी भी बड़ा देता है। अग्रिम किश्त के लिए तैयार, पंक्ति में सबसे आगे बैठा हूँ, शुभकामनाओं सहित इंतज़ार रहेगा।
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Pankaj Diwakar
wow
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Sarvesh kumar srivastav
अच्छी कथा है
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Deepak Meghwal
so nice
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Aanik Mishra
jai shree krishna
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