मन्नों

लिली मित्र

मन्नों
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सारांश

समाज की कटु सत्यताओं का आभास करती मन्नों की माँ,,या एक औरत ही औरत की शत्रु ,,,???
मनमोहन कौशिक
मोहे न नारी नारी के रूपा
Anita Pandey
बढ़िया रचना। समाज का कटु सत्य हैं बेटियों को बोझ समझना
hindi@pratilipi.com
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