मजहब

अमित सिंह रघुवंशी

मजहब
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सारांश

धर्म की एक कहानी जिसमे सियासत से कैसे रंगती है ये हवस की भूख
Rashmi Noudiyal
आज धर्म को लोगों ने अपनी बपौती समाज रखा इंसानियत भी धर्म से है यही इस कहानी में बहुतअच्छे से समझाया
Durva Madan
very nice story good content
Snehil Upadhayay
har ladki ki izzat karni chahiye fir chahe wo kisi bhi dharm ki ho
uday kumar
बहुत अच्छी कहानी,पर मुझे लगता है कहानी का अंत बहुत जल्दबाज़ी में कर दिया गया।
Preet Grewal
Wow such a great story
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