भूल,,,

नृपेन्द्र शर्मा

भूल,,,
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सारांश

शराब के नशे में इंसान अपना अच्छा बुरा समझने की शक्ति खो देता है ओर अपनी बर्बादी के मार्ग पर चल देता है।
Shanti Dihiye
kahani dilko chune vaali hai, par ek prashna kya bachho ki jimmedari sirf aurat k hai? aur sirf is bath par vah doosari rah dekhta hai? jo parivar se prem nahi karta wahi ye rasta apnata hai, agar bura lage to sorry.
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रमेश तिवारी
अतिसुंदर प्रस्तुति ।। कृपया स्नेह स्वरूप मेरी रचना श्रीदुर्गाचरितमानस पढ़ने का कष्ट करे सहृदय धन्यवाद जय माता दी। समीक्षा की प्रतीक्षा।।
Vashi
एक शानदार अन्त।
Poonam Kaparwan
sharab or avedh relation bar badi hi karwate h .pati ke najayaj sambhandh or rat jhell lete h mard apni wife ko kisi ke saath bardast nahi kar sakta .nice
Suresh Thakur
बहुत ही सुन्दर लेख प्रस्तुत किया है जी भूल और वो भी ऐसी भूल जो परिवार के विखरने का कारन बन जाए ऐसी भूल से हमेशा बचना चहिए और अपनों को भी बचाना चहिए
PANDIT RAJESH KUMAR AALMBAYAN
शिक्षा प्रद है।
Sanjay Negi
बहुत ही सुंदर कहानी। जीवन की सच्चाई को बयाँ करती हुई।
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