भूरेलाल ने विदेशयात्रा की

रमेश कुमार

भूरेलाल ने विदेशयात्रा की
(17)
पाठक संख्या − 2629
पढ़िए
Dr. Shikha Kaushik
बुरे काम का बुरा नतीजा...
रिप्लाय
राजेश मंथन
उत्कृष्ठ रचना । बधाई रमेश कुमार जी ! आप ऐसे निरंतर अच्छी रचनाओं का सृजन करते रहें, यही कामना है।
रिप्लाय
ब्रजेंद्रनाथ मिश्रा
आदरणीय रमेश कुमार जी, आपने ब्यन्ग्य विधा में बहुत अच्छी रचना लिखी है। आपका प्रयास अच्छा है। रचना में और भी हास्य - ब्यन्ज्ञ् पूर्ण स्थितिआँ डालने का स्कोप था। आप लिखते जायेंगें तो निखार आता जायेगा। आप इसी साइट पर मेरी अद्यतन प्रकाशित कहानी "एक सपने का अंत" अवश्य पढ़ें। अन्य रचनायें भी पढें और अपने विचार अवश्य दें। आप marmagyanet.blogspot.com पर मेरा ब्लॉग भी विसिट करें और अपने विचार भी उसी जगह ब्यक्त करें। मेरी लिखी दूसरी पुस्तक उपन्यास के रूप में "डिवाइडर पर कॉलेज जंक्शन" के नाम से हिंद युग्म से प्रकाशित हो चुकी है। पुस्तक के कथानक के बारे में: यह छोटे शहर में स्थापित ऐसे डिग्री कॉलेज की कहानी है जिसके पास से रेलवे लाइन गुजरती है। इसलिए विद्यार्थी अपने पीरियड के विषय से अधिक उस ओर से गुजरने वाली ट्रेन के समय की जानकारी रखते हैं। कॉलेज की पढाई करते - करते समय की गलियों से यूँ गुजरना। कुछ तोंद वाले सर, कुछ दुबले -पतले सर, कुछ चप्प्लों में सर, कुछ जूतों में सर। जैसे कॉलेज की दीवार से सटे रेलवे लाईन पर ट्रेनों का गुजरना। इसी बीच पनपता प्यार, विज्ञान और अर्थशास्त्र के बीच। छात्र परिषद के चुनाव की घोषणा होते ही बाहरी तत्वों के घुसपैठ से, कॉलेज के शान्त वातावरण का पुल - सा कम्पित होना, थर्राना। ये सब कुछ और इससे भी अधिक बहुत कुछ... पढें उपन्यास "डिवाईडर पर कॉलेज जंक्शन" में*** अभी यह आमज़ोन के साइट से ऑन लाईन मात्र 115रु में मँगाई जा सकती है। इस लिंक पर जाकर मंगाएं: link: http://amzn.to/2Ddrwm1 आमज़ोन पर customer review लिखें और मेरी लिखी पुस्तक "छाँव का सुख" डाक द्वारा मुफ्त प्राप्त करें। अपना पता मेरे ई मेल : brajendra.nath.mishra@gmail.com पर भेज दें।
shobhana tarun saxena
benign👌👌🕉️🕉️
रिप्लाय
रवीन्द्र सिंह यादव
व्यंगपूर्ण लघुकथा का सन्देश व्यापक है .
रिप्लाय
hindi@pratilipi.com
080 41710149
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें।
     

हमारे बारे में
हमारे साथ काम करें
गोपनीयता नीति
सेवा की शर्तें
© 2017 Nasadiya Tech. Pvt. Ltd.