भूतिया स्टेशन

सुनील गोयल

भूतिया स्टेशन
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सारांश

विशेष हमेशा की तरह इस बार भी ऑफिस की तरफ से एक टूर पर था. वैसे तो उसके लिए टूर पर जाना कोई नई बात नहीं थी फिर भी इस बार उसे एक अजीब सी ख़ुशी हो रही थी. शायद इसलिए क्यूँकी इस बार टूर पर और कहीं नहीं उसे उसके अपने शहर जाना था. हमेशा की तरह उसने रिजर्वेशन सेकंड AC में किया हुआ था. स्टेशन वो टाइम पर पहुंचा और ट्रेन में अपने बर्थ पर सामान रखकर अपना लैपटॉप खोलकर कुछ मेल्स और लेटर्स का जवाब देने में बिजी हो गया. उसे पता ही नहीं चला कब ट्रेन ने रफ़्तार पकड़ ली और उसका सफ़र शुरू हो गया. तकरीबन १ पूरा दिन और १२ घंटे का सफ़र तय कर वो अनजान रेलवे स्टेशन पहुंचा तो देखा आज ट्रेन कुछ ज्यादा ही देरी से चल रही है, वैसे भी अनजान से उसके शहर का सफ़र कुछ दो घंटे का बचता है तो उसने सोचा क्यूँ ना यह दूरी बस से ही तय कर ली जाए. अपना सामान उठा कर वो जैसे ही स्टेशन से बाहर निकला तो एक पागल अचानक से उसके सामने आ गया. उसे अचानक से अपने सामने पाकर विशेष पहले तो थोडा घबरा गया फिर अपने आपको सँभालते हुए उसे दूर किया. पागल पता नहीं क्या बड-बडा रहा था.
Jatin Singh
Vishal jb ghatna k Baad pagal ho Gaya to uske Saath ghati ghatna ko itne vistaar se doosre kaise jaante hai ??? achchi ban Sakti thi kahani thoda logic se Bahar ho gayi
Akashkumar saini
age ki kahani kyo nahi he .kya visesh ki kahani nahi aati aap ko .is kahani ko pura kro .buddu khi ke
Mrs Tomar
so scary 😱💀👻
कोमल मेहता
Nice story
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Heena Bhardwaj
👌👌👌👌👌
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Nisha Saini
achi h
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Vaishnavi Rajput
theek thak
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