भूतिया इश्क! भाग-(2)

Arshan Khan

भूतिया इश्क! भाग-(2)
(41)
पाठक संख्या − 3809
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सारांश

एक ऐसा इश्क जो दो जिस्मों का नहीं बल्कि दो रूहों का मेल है| इश्क नहीं यह है भूतिया इश्क| भाग-2
Uma Vaishnav
Arshan जी.. आप की कहानी अच्छी चल रही हैं..... चूँकि ये आपकी पहली कहानी है... तो typing मिस्टेक हो जाती है..... पर बुरा मत मानिएगा..... हमारा मनाना है कि एक लेखक के लिए पाठक की समीक्षा बहुत जरूरी है.... अब वो अच्छी हो या बुरी... अच्छी होतो खुशी मिलती हैं..... और बुरी होतो सीख..... इसलिए हमें विचलित नहीं होना चाहिए....... आप को बुरा लगा हो तो क्षमा 🙏 चाहती हूँ..........
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Vikas Verma
atleast likhna to sikh lijiye...there are so many mistakes...u can't write in hindi...first learn how to write in hindi then write a story here...
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Dipika Singh
very interesting story
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डॉ गोविन्द पाण्डेय
इस दूसरे भाग की कहानी तो और भी विचित्र हो गयी जी । John ( जॉन ) अपने ही बेटे Jen (जैन ) को केवल अपने संपति के लालच में मार देता है जी । दूसरी बात ये जॉन और जैन नाम ईसाईयों के समुदाय में होते है । और इनके यहाँ बाइबिल होती है । मन्त्र नही । मन्त्र हिन्दू समाज मे होता है । कैसी कहानी लिख रहे है जी ?
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Arbaaz Khan
vry nice story sir .
Salomi Gill
Really nice story 👌👌👌
krishna mane
nice story 👍 👍
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