भुई मां

Darshna Jain

भुई मां
(49)
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सारांश

"दीपा ,बहू जल्दी -जल्दी हाथ चलाओ,मेहमान आते ही होंगे और ये मिठाईयां अभी तक यहीं है,कैसे काम कर रही हो...अरे इकलौते देवर की शादी है फटाफट हाथ चलने चाहिए" दीपा की सास रमा ने कहा. "हां ,मांजी आप काहे ...
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बहुत ही उम्दा कहानी। हर औरत को ऐसा ही होना चाहिए। वैसे इस तरह की आज तक मैंने केवल 2 औरतों को देखा है। एक मेरी अम्मा(दादी) को जिन्होंने अपने मायके में भी ओर अपनी ससुराल में भी सभी का ध्यान रखा है। और दूरी उन्ही की भतीजी। जो हमारी बुआ लगती है वो बिल्कुल मेरी अम्मा जैसी ही है।
Tripti Vashisth
Bahut accha....Agar kisi k bacche nahi hote to usme un bechare couple ka kya dosh h ye to bhagwan ki marji h
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Akash Mishra
maa sabad nahi pura sansaar hai
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Shalini Tiwari
Heart touching
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Kiran Hatwal
bahut achi story
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Nusrat Jahan
very nice story
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Sandeep Mishra
Very very nice
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Rachna Chawla
heart touching
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Sweta Sinha
nice story
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