भीतर का आदमी.

गोवर्धन यादव

 भीतर का आदमी.
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सारांश

दुनिया का सबसे जटिल और उबाऊ कोई काम हो सकता है तो वह है किसी का इन्तजार करना. इन्तजार करता आदमी ठीक उस सुप्त ज्वालामुखी की तरह होता है जिसके अन्दर विचारों का लावा दहकता रहता है, तरह-तरह की ...
संतोष कुमार वास्ता
शंका का कोई ईलाज नही है ।
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Sach hi shak ki koi dawa nahi hoti
Gajendra Rajput
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Monika Kukreja
sab ke pass hota hai yeh bitar wala admi 👍👍👌👌👌
प्रदीप मिश्र
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